LPG संकट को लेकर छतरपुर में गरमाई सियासत
छतरपुर| में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत और कालाबाजारी के विरोध में मंगलवार को जिला कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में विरोध जताते हुए सिर पर खाली गैस सिलेंडर रखकर रैली निकाली और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।प्रदर्शन की शुरुआत जिला कांग्रेस कार्यालय से हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए छत्रसाल चौराहे तक पहुंचा। यहां कार्यकर्ताओं ने सड़क के बीच टेंट लगाकर चूल्हा जलाया और प्रतीकात्मक रूप से सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता जमीन पर बैठकर खाना बनाने की मुद्रा में भी नजर आए, जिससे आम लोगों की परेशानी को दर्शाया गया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदेश में गैस सिलेंडर की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। आम उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जबकि कालाबाजारी खुलेआम हो रही है। उनका आरोप है कि जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा, जिससे आम जनता को मजबूरी में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है।
जिलाध्यक्ष गगन यादव ने कहा कि पहले कोरोना महामारी और फिर नोटबंदी के दौरान जनता परेशान हुई, और अब गैस सिलेंडर संकट ने लोगों की रसोई पर सीधा असर डाला है। उन्होंने मांग की कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।इस प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष लखन पटेल, महाप्रसाद पटेल, अनीश खान, अशोक मिश्रा, आदित्य मिश्रा, कपिल रिछारिया, मोनू सिंह, अवधेश सोनाकिया, दीप्ति पांडेय, पारुल मिश्रा, मंजू शर्मा, प्रियंका अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गगन यादव, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
“गैस की किल्लत से आम जनता परेशान है, लेकिन सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी।”


हैवानियत का खौफनाक चेहरा: बच्चे की हत्या कर शव ड्रम में छिपाया
भोपाल में ड्रेस कोड को लेकर बवाल, लेंसकार्ट के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन
बड़ी लापरवाही या हादसा? टीकमगढ़ में बस पलटने से 15 घायल
LPG अपडेट: घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर मिलेंगे सिलेंडर, वितरण प्रणाली में नहीं है कोई बाधा।
मां बनने पर पत्रलेखा का बड़ा खुलासा: "शायद मैं मां नहीं बनना चाहती थी, लेकिन अब अहसास बदल गया।"